सोमवार, 6 फ़रवरी 2017

' ज्ञान और कलाएँ माँ सरस्वती के आशीर्वाद से' - अशोक लव



' माँ सरस्वती के आशीर्वाद से ही व्यक्ति ज्ञान प्राप्त करता है और कला-कौशल में रुचि रखता है. हम साहित्यकार भी उसी के आशीर्वाद से लिख पाते हैं. यहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक है. यह देखकर अच्छा लग रहा है. हमारी संस्कृति के लिए यह शुभ है. भारतीय संस्कृति की धारा हमारे त्योहारों  और पर्वों के करण सुरक्षित है. हमें इनमें बच्चों सहित शामिल होना चाहिए. यही बच्चे आज संस्कार ग्रहण कर रहे हैं और भविष्य में यही हमारी संस्कृति को ज़िंदा रखेंगे. हमने अपने बचपन में 'सरस्वती पूजा' का आयोजन किया था. भागालपुर में राजहंस क्लब की स्थापना की थी. आज वही संस्था भागलपुर की सबसे बड़ी संस्था बन गई है. हम 'समभाव ' संस्था के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार जी और अन्य पदाधिकारियों को बधाई देते हैं कि वे गत कई वर्षों से नई दिल्ले के इस द्वारका क्षेत्र  में 'सरस्वती-पूजा' का आयोजन करते आ रहे हैं." 'समभाव' संस्था  की ओर से आयोजित सरस्वती-पूजा समारोह में मुख्य-अतिथि के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार अशोक लव ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा. 
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. बच्चों  और किशोरों के लिए पेंटिंग और अन्य प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं. श्री सुशील कुमार ने मुख्य-अतिथि अशोक लव का स्वागत करते हुए कहा कि हमारा सौभाग्य है कि सौ से अधिक पुस्तके लिखने वाले साहित्यकार आज हमारे बीच आए हैं. यह हमारे और युवाओं के प्रेरणा के रूप हैं.