मंगलवार, 29 दिसंबर 2015

मानवाधिकार पर द्वारका में हुई महत्त्वपूर्ण चर्चा गोष्ठी

मानवाधिकार से संबंधित जानकारियों के संबंध में द्वारका नई दिल्ली की संस्थाओं 'पहल', 'हयूमन हेल्प' और 'एजवेल होलिस्टिक केयर' की  ओर से चर्चा-गोष्ठी का आयोजन द्वारका कोर्ट्स के कांफ्रेंस हॉल में किया गया. इसमें इस क्षेत्र में सक्रिय विशेषज्ञ अनिल कुमार पाराशर ने मानवाधिकार के संबंध में श्रोताओं को महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ दीं.
       उन्होंने मानवाधिकार की संवैधानिक स्थिति स्पष्ट की. इस आंदोलन की पृष्ठभूमि को विस्तार से बताया. उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए कहा.
चर्चा गोष्ठी का संचालन आभा गोरेन ने किया. इंदर मोहन खन्ना ने तीनों संस्थाओं की गतिविधियों की जानकारी दी. इस अवसर पर सी.बी.आई. के पूर्व निर्देशक देबाशीष बागची (आई.पी.एस.), साहित्यकार अशोक लव और द्वारका सिटी की संपादिका और समाजसेवी सुधा सिन्हा विशिष्ट-अतिथि थे.
अनिल कुमार पाराशर मानवाधिकार आयोग के संयुक्त सचिव हैं. उन्होंने श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर भी दिए. इस अवसर पर द्वारका की अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी और पत्रकार उपस्थित थे. द्वारका में इस तरह की यह पहली गोष्ठी थी. सबने इसकी सराहना की.
-आरिफ़ जमाल, संपादक - दैनिक न्यू ऑब्ज़र्वर पोस्ट 

रविवार, 6 दिसंबर 2015

Senior Literatteur Ashok Lav's books released at Literary Day at NLU Delhi



National Law University, New Delhi
Newsletter_Volume 5,Issue 1,August 2015
LITERARY & DEBATING COMMITTEE
Literary Day
As is now a tradition with the National Law
University Delhi, Literary Day was organized on 21 May 2015. Four plays were staged,
followed by a multilingual poetry workshop and a poets' meet on the theme of Law and Poetry (Kavita aur Kanoon). The students of
NLUD presented the following four plays: The Silver Box by John Galsworthy, Trial by Jury byW.S. Gilbert and Arthur Sullivun, Pygmalion by George Bernard Shaw, and A Malefactor byAnton Chekhov.
In a ddition to the students,several poets and
poetry lovers attended the event. Dr.Prasannanshu, Associate Professor of NLUD,and poet and Senior litterateur, Dr. Ashok Lavconducted a poetryworkshop for the students,in which they shared their experiences as poets,
and talked to the students about the craft of poetry, and induced them to write. The outcome was very encouraging, as several
students did actually proceed to write poems.
The whole event was designed to give a good exposure to the students for a well rounded personality and development of 
communication skills.Syed Sibte Razi, ex-Governor of Assam,
released six books of the 'Kadambari' series written by senior literatteur Dr. Ashok Lav, and also the fifth poetry collection 'Jai Hind' of song writer Virender Kumar Mansotra. Delhi Poetry
Circle (DPC) collaborated with NLUD to
organize this multilingual poetry event.
Around 60 poets shared their poems with a
spell bound audience.



शनिवार, 5 दिसंबर 2015

Ashok Lav senior poet and writer as Jury of Dwarka Torch Bearer Award-2015


Dwarka Ramleela Utsav Team of organisers












Ashok Lav is now President of International Hindi Association America, Delhi and NCR Chapter

Ashok Lav is now President of International Hindi Association America, Delhi and NCR Chapter. Dr Harish Naval is elected as a Coordinator.

अन्तराष्ट्रीय हिंदी समिति अमेरिका के दिल्ली चैप्टर के नव-निर्वाचित पदाधिकारी


वरिष्ठ साहित्यकार श्री अशोक लव अध्यक्ष निर्वाचित

वरिष्ठ साहित्यकार श्री अशोक लव को अंतरराष्ट्रीय हिंदी समिति अमेरिका के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का अध्यक्ष चुना गया. डॉ हरीश नवल को संयोजक और आभा चौधरी को सचिव निर्वाचित किया गया. चित्र में दाएँ से श्री अशोक लव ( अध्यक्ष), श्रीमती सुशीला मोहनका (संयोजक- इंडिया), डॉ.हरीश नवल (संयोजक)

International Hindi Association America, NCR Delhi Chapter's Poetry Meet 15 November 2015


Varishth kavi Ashok Lav with at poets at National Law University November2015


Ashok Lav presided Poetry Meet at National Law University : 24th November 2015


National Law University Poetry Meet November2015


Profesor SP Sudhesh presented his poetry collection to senior poet Ashok Lav


मंगलवार, 4 अगस्त 2015

डॉ नामवर सिंह के नब्बवें जन्म-दिन पर अशोक लव सहित साहित्यकारों ने बधाई दी

नारायणी साहित्य अकादमी की ओर से तीस जुलाई को नई दिल्ली के हिंदी भवन में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ नामवर सिंह का नब्बवाँ जन्म-दिन मनाया  गया. पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी मुख्य अतिथि थे.इस अवसर पर डॉ अशोक लव ने कहा कि उन्होंने  हिंदी आलोचना को नई दिशा दी है. डॉ प्रसन्नान्शु ने उनको हिंदी साहित्य का युगपुरुष कहा. इस अवसर पर कवि धनंजय सिंह, राजेंद्र चुघ, सुरेंद्र सार्थक, डॉ सीमा गुप्ता आदि ने उनके साहित्यिक योगदान को रेखांकित किया. इसका आयोजन डॉ चंद्रमणि  ब्रह्मदत्त ने किया.





रविवार, 26 जुलाई 2015

द्वारका में कवि-कवयित्रियों की कविताओं, गीतों, दोहों, ग़ज़लों ने रंग जमाया



द्वारका सेक्टर-6 में मुंशी प्रेमचंद की स्मृति में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कवियों ने भाग लिया और नवोदित कवियों को उत्तम लेखन के लिए प्रोत्साहित किया।इसका आयोजन दिल्ली पोएट्री सर्किल ने किया था।
इस काव्य गोष्ठी में डॉ.प्रसंनान्शु, डॉ. मनमोहन भोपाली, दिनेशचंद्र नागर, डॉ अशोक लव, उर्मिला माधव, सूक्ष्म लता महाजन, ताराचंद शर्मा, पंकज शर्मा, सरफराज़, विनोद पास्सी, राजेंद्र चुघ, वीरेंदर मंसोत्रा, संजय, जयसिंह आर्य, हर्षवर्धन आर्य, अशोक वर्मा, सत्य प्रकाश भरद्वाज,सुलेखा मिश्रा, अस्तित्व अंकुर, मनीष मधुकर व शुभदा वाजपेयी आदि कवि-कवयित्रियों ने हिंदी में कविता, गजल, दोहे व मुक्त छंद इत्यादि का पाठ किया।संस्था के मुख्य संरक्षक डॉ. अशोक लव ने कहा कि कविता सीधी हृदय से जुड़ी होती है। दिल्ली पोएट्री सर्किल के साथ इतने सशक्त और संवेदनशील कवि जुड़ गए हैं, जिनकी रचनाओं ने हम सबको प्रभावित किया है। यह आज की कविता की नई पहचान है। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की कहानियों ने समाज को नई दिशा दी है। आज के कवियों को प्रेमचंद की कहानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
संस्था के सचिव प्रेम बिहारी मिश्रा ने कहा कि यह संस्था की पांचवीं कवि गोष्ठी है। इस गोष्ठी का आयोजन मुंशी प्रेमचंद की स्मृति में किया गया। इसमें दूर-दराज के कवियों ने भाग लिया। डॉ.मनमोहन तालिब भोपाली ने कहा कि दिल्ली में काव्य गोष्ठी का आयोजन बहुत कम होता है। ऐसे में दिल्ली पोएट्री सर्कल ने अच्छी पहल की है। इससे लोगों का रुझान काव्य गोष्ठी की ओर होगा। इस मौके पर काफी लोग उपस्थित थे।

बुधवार, 22 जुलाई 2015

Delhi Poetry Circle: Poets in different moods

19th July 2015,Dwarka,New Delhi.
Ashok Lav, Prasannanshu, Tarachand Nadan, Virendra Mansotra, Rajendra Chugh, Vinod Pasi, Shubhda Vajpai, Urmila Madhav, Anil Upadhyay, Suksham Lata Mahajan, Jai Singh Arya, Harshvardhan Arya, Sarfraz, Satya Prakash Bhardwaj.

Delhi Poetry Circle 5th Kavi Goshthi in Dwarka,New Delhi

Dr Prasannanshu, Dr Ashok Lav, Prem Bihari Mishra, Tarachand Nadan, Virendra Kumar Mansotra

वरिष्ठ कवि अशोक लव का 'दिल्ली पोयट्री सर्कल' की गोष्ठी में कविता-पाठ

दिल्ली पोयट्री सर्कल की ओर से द्वारका,नई दिल्ली में उन्नीस जुलाई को कवि-गोष्ठी का आयोजन किया गया .इसमें दिल्ली,नौयडा, गुडगाँव आदि से आए कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाएँ सुनाईं. डॉ. प्रसंनान्शु दिल्ली पोयट्री सर्कल के अध्यक्ष हैं और वरिष्ठ साहित्यकार अशोक लव इसके मुख्य-संरक्षक हैं. गोष्ठी का संचालन संस्था के सचिव प्रेम बिहारी मिश्रा ने किया. वित्त सचिव वीरेन्द्र कुमार मंसोत्रा और संयुक्त-सचिव ताराचंद शर्मा नादान ने आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई. इस अवसर पर अशोक लव ने 'लड़कियाँ छूना चाहती हैं आसमान' कविता सुनाई . चित्र में कविता-पाठ करते हुए अशोक लव, उनके साथ बैठे हैं डॉ प्रसंनान्शु और अशोक वर्मा.

सोमवार, 29 जून 2015

" हमारे किसी कार्य से देश के सम्मान को ठेस न पहुँचे "- साहित्यकार अशोक लव



  देश केवल ज़मीन का टुकड़ा नहीं है, यह हमारी आत्मा में बसा भाव है. इसके साथ ऐसा अपनत्व होता है कि इसके लिए प्राण तक न्यौछावर करने में सैनिक हिचकिचाते नहीं हैं. हम जहाँ भी, जिस रूप में भी कार्य कर रहे हैं हमें ऐसे कोई भी कार्य नहीं करने चाहिएँ जिससे देश का अहित हो, देश के सम्मान को ठेस पहुँचे.- वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षाविद् अशोक लव ने एपीजे स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, द्वारका,नई दिल्ली के एम.बी.ए. के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा. ‘ सत्र 2015-17 विद्यार्थियों के साथ संवाद ‘ के अंतर्गत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था.
इससे पूर्व संस्थान के निर्देशक डॉ. अलोक सकलानी ने अशोक लव का स्वागत करते हुए कहा कि अशोक लव बहुमुखी प्रतिभा संपन्न हैं. वे कवि हैं, लेखक हैं, शिक्षाविद् और समाजसेवी हैं. उनकी 125 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके साहित्य पर पी.एच.डी. और एम.फिल. किया हैं. वे तीस वर्षों तक अध्यापन से संबद्ध रहे हैं.
अशोक लव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन मनुष्य के भावी जीवन का आधार होता है. यह फिसलन भरा होता है. इस पर बढ़ते हुए टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडियों से गुज़ारना पड़ता है. अनेक प्रलोभन अपनी ओर आकर्षित करते हैं. इन सबके मध्य अपना ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित रखना चाहिए. साधनहीन एकलव्य ने अपना ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित रखा  और निरंतर अभ्यास से श्रेष्ठ धनुर्धर बना. एकलव्य मैनेजमेंट का विद्यार्थी नहीं था. उसने जीवन से प्रबंधन सीखा, मैनेजमेंट सीखा. मैनेजमेंट का अर्थ ही जीवन को सुव्यवस्थित ढंग से जीना है. अपने कार्यों का सुप्रबंधन करना है.
उन्होंने कहा कि देश हमारे लिए सर्वोपरि है. इसके सम्मान के साथ हमारा सम्मान जुडा हुआ है. जब देश पराधीन था तो देश के प्रत्येक नागरिक पर पराधीनता का कलंक लगा हुआ था. हमें इसे स्मरण रखना चाहिए. भारत महान देश है. इसके संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं किया गया. ऐसी योजनाएँ नहीं बनाई गईं जिनसे देश विश्व के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में आता. आप विद्यार्थी जीवन के पश्चात समर्पित भाव से कार्य करके देश को उच्च शिखरों तक ले जाएँ. अपने सामने सदैव देश को रखें.
अशोक लव ने अपने अमेरिकी प्रवास के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज वहाँ भारतीयों का बहुत सम्मान है. भारतीय परिश्रमी और प्रतिभावान हैं. आई.टी. क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियर, डॉक्टर, व्यवसायी सबके समर्पित भाव से कार्य करने के कारण ऐसा हुआ है. उनके सम्मान का अर्थ है भारत का सम्मान.वहाँ बसे भारतीय हर साँस के साथ भारत को जीते हैं. हम यहाँ भारत में रह रहे हैं. हमारा कर्तव्य हो जाता है कि हम अपने कार्यों से देश और भारतीय संस्कृति की गरिमा को बढ़ाएँ. आज शिक्षा का स्वरूप बदल गया है. केवल साइंस या कामर्स ही नहीं अपितु आर्ट्स विषयों के साथ भी उच्च पदों पर पहुँचा जा सकता है. एम.बी.ए. बहुत महत्त्वपूर्ण विषय बन गया है. आई.टी. हो, चिकित्सा हो, डिफेंस हो  आज सब एम.बी.ए. अवश्य करते हैं. आप इसे गंभीरता से लें, मन लगाकर खूब पढ़ें. आपकी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ ! साहित्यकार अशोक लव ने विशेष अनुरोध पर अपनी कुछ कविताएँ भी सुनाईं. संस्थान की ओर से डॉ.आलोक सकलानी ने उन्हें सम्मानित किया.