रविवार, 26 जुलाई 2015

द्वारका में कवि-कवयित्रियों की कविताओं, गीतों, दोहों, ग़ज़लों ने रंग जमाया



द्वारका सेक्टर-6 में मुंशी प्रेमचंद की स्मृति में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कवियों ने भाग लिया और नवोदित कवियों को उत्तम लेखन के लिए प्रोत्साहित किया।इसका आयोजन दिल्ली पोएट्री सर्किल ने किया था।
इस काव्य गोष्ठी में डॉ.प्रसंनान्शु, डॉ. मनमोहन भोपाली, दिनेशचंद्र नागर, डॉ अशोक लव, उर्मिला माधव, सूक्ष्म लता महाजन, ताराचंद शर्मा, पंकज शर्मा, सरफराज़, विनोद पास्सी, राजेंद्र चुघ, वीरेंदर मंसोत्रा, संजय, जयसिंह आर्य, हर्षवर्धन आर्य, अशोक वर्मा, सत्य प्रकाश भरद्वाज,सुलेखा मिश्रा, अस्तित्व अंकुर, मनीष मधुकर व शुभदा वाजपेयी आदि कवि-कवयित्रियों ने हिंदी में कविता, गजल, दोहे व मुक्त छंद इत्यादि का पाठ किया।संस्था के मुख्य संरक्षक डॉ. अशोक लव ने कहा कि कविता सीधी हृदय से जुड़ी होती है। दिल्ली पोएट्री सर्किल के साथ इतने सशक्त और संवेदनशील कवि जुड़ गए हैं, जिनकी रचनाओं ने हम सबको प्रभावित किया है। यह आज की कविता की नई पहचान है। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की कहानियों ने समाज को नई दिशा दी है। आज के कवियों को प्रेमचंद की कहानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
संस्था के सचिव प्रेम बिहारी मिश्रा ने कहा कि यह संस्था की पांचवीं कवि गोष्ठी है। इस गोष्ठी का आयोजन मुंशी प्रेमचंद की स्मृति में किया गया। इसमें दूर-दराज के कवियों ने भाग लिया। डॉ.मनमोहन तालिब भोपाली ने कहा कि दिल्ली में काव्य गोष्ठी का आयोजन बहुत कम होता है। ऐसे में दिल्ली पोएट्री सर्कल ने अच्छी पहल की है। इससे लोगों का रुझान काव्य गोष्ठी की ओर होगा। इस मौके पर काफी लोग उपस्थित थे।